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इस केंद्र के
उद्देश्यों में से एक उद्देश्य हज़रत-ए-वली-ए-अस्र (अ.ज.) से विशेष विश्व केंद्र की
313 शाखाऐं स्थापित करना जो हज़रत-ए-वली-ए-अस्र (अ.ज.) के नासिरों की तादादहै
जो दुनिया भर में
होंगी, हज़रत-ए-वली-ए-अस्र (अ.ज.) से विशेष विशेष विश्व केंद्र से जुडने के लिय
विश्व के मज़हबी संस्थान अपना नाम घोषित कर सकते हैं ताकि हज़रत-ए-वली-ए-अस्र
(अ.ज.) से विशेष विश्व केंद्र से उन्हें जोडा जा सके
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हज़रत-ए-वली-ए-अस्र (अ.ज.) की ग़ैबत के ज़माने मैं शेख़ मुफ़ीद(रहमतुल्लाह अलैह) से हमारे ज़माने तक
हज़रत-ए-वली-ए-अस्र इमाम मेहदी(अ.ज.) उलमा व बुज़ुरगान-ए-दीन पर अपनी ख़ास इनायात
फ़रमाते आए हैं आलेमीन व आमेलीन दीन हज़रत-ए-वली-ए-अस्र (अ.ज.) की ज़्यारत का शरफ
हासिल करते आए हैं इसी के सबब उलमा-ए-दीन हमारी राहलुमाई करते आए हैं और माशरे को
ज़िंदा रखे हुए हैं
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हज़रत-ए-वली-ए-अस्र
(अ.ज.) शिनासी पाठ्यक्रम 22 देशों आए दीनी मदरसों व कालेज के छात्रों के लिय चल रहा
है जिसका सेलेबस प्राथिमक,मध्यम,उत्तम कक्षाओं के लिय है
हर पाठ्यक्रम 6 महिने
का होता है जिसे हज़रत आयतुल्लाह सय्यद महमूद बहरूउलूम (दामा ज़िल्लाह) द्वारा
पढाया दाता है.
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आयतुल्ला बहरुल उलूम की यूरोप यात्रा तस्वीरों मैं इस सफर मैं विभिन्न केन्द्रों,संस्थानों,क्लीसा,मसाजिद,किताबख़ानों,कालेजों,विश्वविध्यालोव ऐतिहासिक जगहों व इल्मीं व मज़हबी व्यक्तियों जेसे क्लीसा के कशिशों, दीनेइब्राहीमी,गैर इब्राहीमी प्रमुखों से मुलाक़ात की तस्वीरें
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Copyright © 2000 - 2008 - हज़रत-ए- वली- अस्र (अ.स.) विश्व शोध केन्द्र के आईटम्स को इस केन्द्र के साईट लिंक के साथ कापी करने की इजाज़त है
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HINDI FONT |
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