हज़रत इमाम महदी अलैहिस्सलाम का कुस्तुनतनिया को फ़तेह करना
रिवायत में है कि हज़रत इमाम महदी अलैहिस्सलाम
कुस्तुनतुनिया, चीन और देलम को फ़तेह करेंगे। क़ुसतुनतनिया को आज इस्तम्बूल कहा
जाता है। उस ज़माने में उस पर नसरानियों का क़ब्ज़ा होगा और वह भी उस पर मुसलमान
बादशाह को क़त्ल करने के बाद क़बज़ा करेंगे। चीन व जबले देलम पर भी नसारा का क़बज़ा
होगा और वह हज़रत इमाम महदी अलैहिस्सलाम से मुक़ाबले का पूरा इंतेज़ाम करेंगे। चीन
जिसे अरबी में सीन कहते है इसके बारे में अल्लामा तुरही ने अपनी किताब मजमा उल
बहरैन में लिखा है कि
सीन एक पहाड़ी है। मशरिक में एक
ममलेकत है। कूफ़े का एक मौज़ा है। इससे यह पता चलता है कि सारी चीज़ें फ़तह होंगी।
इनके अलावा सिंध व हिन्द के मकानात की तरफ़ भी इशारा है। बहर हाल हज़रत इमाम महदी
अलैहिस्सलाम क़ुसतुनतुनिया को फ़तेह करने के लिए रवाना होंगे और उनके साथ जो सत्तर
हज़ार बनू इस्हाक़ होंगे उन्हें दरिया -ए- रोम के पास शहर में जाकर फ़तह करने का
हुक्म दिया जायेगा। जब वह वहाँ पहुँच कर फ़सील के किनारे नारा -ए- तकबीर लगायेंगे
तो ख़ुद बख़ुद रास्ता पैदा हो जायेगा और वह दाख़िल होकर उसे फ़तेह कर लेंगे।
कुफ़्फ़ार क़त्ल होंगे और उस पर पूरा पूरा क़ब्ज़ा हो जायेगा।
(नूर उल अबसार सफ़ा 155 व ग़ायत उल मक़सूद सफ़ा
जिल्द न. 1 सफ़ा न. 152 व आलाम उल वरा सफ़ा न. 264 व क़ियामत नामा)